गठिया आयुर्वेदिक उपचार जयपुर (Arthritis)
परिचय
जोड़ों का दर्द और अकड़न (संधिवात) आयुर्वेद में मुख्य रूप से वात दोष के असंतुलन से जुड़े माने जाते हैं। आयुजीवन सूजनरोधी हर्बल थेरेपी और पंचकर्म-आधारित जौंट देखभाल प्रदान करता है जो असहजता कम करने में मदद करता है।
यह कैसे काम करता है
उपचार का उद्देश्य कुपित वात को शांत करना, जोड़ों की सूजन कम करना और हर्बल तेल, बाहरी चिकित्सा और उपयुक्त आंतरिक औषधि के माध्यम से गतिशीलता में सुधार लाना है।
किन्हें सुझाया जाता है
यह निम्नलिखित स्थितियों में सुझाया जा सकता है:
- जोड़ों का दर्द और अकड़न
- जोड़ों की कम हुई गतिशीलता
- बार-बार होने वाला दीर्घकालिक जोड़ों का दर्द
प्रक्रिया
पूर्व कर्म (तैयारी)
प्रभावित जोड़ों, दर्द के पैटर्न, अवधि और पहले से मौजूद किसी निदान या इमेजिंग रिपोर्ट का मूल्यांकन।
प्रधान कर्म (मुख्य प्रक्रिया)
कटि बस्ति या जानु बस्ति जैसी हर्बल तेल चिकित्सा, आंतरिक औषधि और संकेत अनुसार पंचकर्म प्रक्रियाओं का संयोजन।
पश्चात कर्म (देखभाल के बाद)
दीर्घकालिक जोड़ स्वास्थ्य को समर्थन देने वाली जीवनशैली, उचित गतिविधियों और आहार संबंधी सलाह।
मुख्य लाभ
- जोड़ों के दर्द और अकड़न कम करने में सहायक
- बेहतर गतिशीलता में सहयोग
- आंतरिक और बाहरी चिकित्सा का व्यक्तिगत संयोजन
- दीर्घकालिक जोड़ स्वास्थ्य पर ध्यान
इस थेरेपी को शुरू करने से पहले हमारे आयुर्वेद चिकित्सकों से परामर्श लें।
